शेयर बाज़ार में जब बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट जैसी कॉरपोरेट ऐक्शन की खबर आती है, तो निवेशकों का ध्यान अपने आप खिंच जाता है। A-1 Limited के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, लेकिन इस बार वजह सिर्फ बोनस या स्प्लिट नहीं, बल्कि रिकॉर्ड डेट में बदलाव रहा। इसी अपडेट के बाद शेयर में तेज़ गिरावट देखने को मिली और स्टॉक लोअर सर्किट तक पहुंच गया।

शेयर में गिरावट की वजह क्या रही
A-1 Limited का शेयर हाल ही में दबाव में दिखा।
- मार्केट कैप: ₹2,132.96 करोड़
- इंट्राडे प्राइस: ₹1,854.75
- गिरावट: 5% (लोअर सर्किट)
- पिछला क्लोज़: ₹1,952.35
हालांकि, एक दिलचस्प बात यह है कि पिछले 1 साल में शेयर ने 377% का रिटर्न दिया है, यानी लॉन्ग टर्म में इस स्टॉक ने निवेशकों को बड़ा फायदा दिया है।
रिकॉर्ड डेट में बदलाव, क्या है पूरा मामला
कंपनी ने शेयरधारकों को आधिकारिक तौर पर बताया कि पहले घोषित की गई रिकॉर्ड डेट में क्लेरिकल एरर हो गया था।
- पहले रिकॉर्ड डेट: 22 दिसंबर 2025
- नई रिकॉर्ड डेट: 31 दिसंबर 2025
अब यही नई तारीख तय करेगी कि कौन से निवेशक बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट के लिए एलिजिबल होंगे।
बोनस और स्टॉक स्प्लिट का पूरा गणित
A-1 Limited एक साथ दो बड़े कॉरपोरेट ऐक्शन करने जा रही है:
| कॉरपोरेट ऐक्शन | डिटेल |
|---|---|
| बोनस इश्यू | 3:1 (हर 1 शेयर पर 3 नए शेयर) |
| फेस वैल्यू (पहले) | ₹10 |
| स्टॉक स्प्लिट | ₹10 → ₹1 |
| स्प्लिट रेशियो | 1 शेयर को 10 शेयर में बदला जाएगा |
इसका मतलब यह है कि शेयरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे लिक्विडिटी बढ़ सकती है और छोटे निवेशकों के लिए शेयर ज्यादा आसान हो सकता है।
बिज़नेस में बड़ा बदलाव
A-1 Limited सिर्फ कॉरपोरेट ऐक्शन तक सीमित नहीं है। कंपनी ने अपने बिज़नेस में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया है।
कंपनी अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में उतर चुकी है।
- EV रिसर्च और पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग
- बैटरी सिस्टम डेवलपमेंट
- चार्जिंग स्टेशन सेटअप
इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए कंपनी ने A1 Sureja Industries में अपनी हिस्सेदारी 45% से बढ़ाकर 51% कर ली है, जिसके लिए करीब ₹100 करोड़ खर्च किए गए।
Hurry-E ब्रांड और EV प्लान
A1 Sureja Industries, Hurry-E नाम से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है।
- कीमत: ₹75,000 से ₹1.10 लाख
- सर्टिफिकेशन: ARAI अप्रूव्ड
- फीचर्स: रिवर्स मोड, स्मार्ट बैटरी सिस्टम
भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट हर साल करीब 35% की रफ्तार से बढ़ रहा है और 2028 तक 5 मिलियन यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में EV सेक्टर कंपनी के लिए एक नया ग्रोथ रास्ता खोल सकता है।
Q2 FY26 के फाइनेंशियल नंबर्स
हालिया तिमाही में कंपनी के नंबर्स थोड़े कमजोर रहे:
| फाइनेंशियल्स | Q2 FY25 | Q2 FY26 |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹77.76 करोड़ | ₹63.14 करोड़ |
| YoY बदलाव | — | -18.8% |
| नेट प्रॉफिट | ₹0.97 करोड़ | ₹0.07 करोड़ |
| 3-Year प्रॉफिट CAGR | — | -16% |
रेवेन्यू और प्रॉफिट में गिरावट दिखती है, हालांकि ROE का 3-Year CAGR 6% रहा है, जो बताता है कि इक्विटी रिटर्न पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
A-1 Limited के लिए यह समय मिक्स्ड सिग्नल दिखाता है। एक तरफ बोनस और स्टॉक स्प्लिट से शेयर स्ट्रक्चर ज्यादा निवेशक-फ्रेंडली बनेगा, वहीं दूसरी तरफ EV सेक्टर में एंट्री कंपनी के लिए नया ग्रोथ इंजन बन सकती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में फाइनेंशियल दबाव और रिकॉर्ड डेट बदलाव जैसी खबरों से शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
Disclaimer: Finance Noon पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय, निवेश या ट्रेडिंग सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। हम SEBI द्वारा पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री किसी भी प्रतिभूति या वित्तीय साधन को खरीदने, बेचने या रखने की अनुशंसा नहीं है।









