शेयर बाज़ार में जब प्रमोटर खुद अपनी कंपनी के शेयर खरीदता है, तो निवेशकों का ध्यान अपने-आप उस स्टॉक पर चला जाता है। यही वजह है कि स्मॉल-कैप इंडस्ट्रियल स्टॉक Roto Pumps Ltd अचानक चर्चा में आ गया।
प्रमोटर की खरीद की खबर के बाद कंपनी के शेयर में 6% से ज़्यादा की तेज़ी देखने को मिली।

शेयर में क्या हुआ
शुक्रवार को Roto Pumps का शेयर करीब 6.4% उछलकर ₹80.59 तक पहुंच गया। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,450 करोड़ के आसपास है। शेयर में यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ तिमाहियों में कंपनी के नंबर्स थोड़े दबाव में रहे हैं।
प्रमोटर ने कितने शेयर खरीदे
कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि Harish Chandra Gupta HUF, जो प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा है, उसने खुले बाज़ार से शेयर खरीदे।
प्रमोटर खरीद का पूरा विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रमोटर का नाम | Harish Chandra Gupta HUF |
| खरीदे गए शेयर | 34,779 |
| औसत खरीद भाव | ₹61.5 प्रति शेयर |
| कुल निवेश | ₹21.39 लाख |
| खरीद अवधि | 12–16 दिसंबर 2025 |
| नई प्रमोटर हिस्सेदारी | 3.99% |
इस खरीद के बाद प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 75,18,456 शेयर हो गई है। मार्केट में आमतौर पर ऐसी खरीद को लॉन्ग-टर्म कॉन्फिडेंस का संकेत माना जाता है, हालांकि इसे अकेले में नहीं देखना चाहिए।
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नंबर्स
जहां एक तरफ प्रमोटर की खरीद पॉजिटिव सिग्नल देती है, वहीं दूसरी तरफ हालिया तिमाही नतीजों में थोड़ी कमजोरी दिखी है।
| पैरामीटर | सितंबर 2024 | सितंबर 2025 |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹84.59 करोड़ | ₹64.76 करोड़ |
| नेट प्रॉफिट | ₹11.47 करोड़ | ₹5.96 करोड़ |
रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में गिरावट दिखती है, जो इंडस्ट्रियल डिमांड और एक्सपोर्ट मार्केट की सुस्ती से जुड़ी हो सकती है।
फिर भी कंपनी की ताकत क्या है
कमज़ोर तिमाही नंबर्स के बावजूद Roto Pumps की कुछ मजबूत बातें हैं:
- ROCE करीब 19% और ROE करीब 16%, यानी पूंजी का अच्छा इस्तेमाल
- Debt-to-Equity सिर्फ 0.13, मतलब कर्ज बहुत कम
- Dividend Payout 15%, यानी शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने की आदत
- 55+ देशों में मौजूदगी और 12,000+ कस्टमर बेस
कंपनी Progressive Cavity Pumps बनाने में भारत की अग्रणी कंपनियों में से एक है और वेस्टवॉटर, ऑयल एंड गैस, केमिकल, फूड प्रोसेसिंग, माइनिंग जैसे सेक्टर्स को सप्लाई करती है।
आगे की दिशा
Roto Pumps खुद को ग्लोबल लेवल पर टॉप Positive Displacement Pump मैन्युफैक्चरर्स में शामिल करने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए कंपनी:
- इंटरनेशनल पार्टनरशिप बढ़ा रही है
- नए देशों में ब्रांच और सब्सिडियरी खोल रही है
- R&D और कस्टमाइज़्ड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस पर फोकस कर रही है
निष्कर्ष
Roto Pumps में प्रमोटर की खरीद ने स्टॉक में नई जान फूंकी है। हालांकि शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल दबाव दिख रहा है, लेकिन कम कर्ज, मजबूत बिज़नेस मॉडल और प्रमोटर का भरोसा इस स्टॉक को चर्चा में बनाए रखता है।
ऐसे मामलों में निवेशकों के लिए प्रमोटर एक्शन के साथ-साथ बिज़नेस परफॉर्मेंस को भी संतुलन में देखकर समझना ज़रूरी होता है।
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