स्टॉक स्प्लिट की घोषणा से United Van Der Horst चर्चा में, निवेशकों के लिए क्या बदलेगा

By Sumit

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शेयर बाजार में जब भी stock split की खबर आती है, तो वह छोटे निवेशकों के लिए खास मायने रखती है। वजह साफ है, स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत कम दिखती है और ट्रेडिंग आसान हो जाती है। इसी कारण आज United Van Der Horst Ltd के शेयर बाजार में फोकस में रहे।

शेयर प्राइस में तेज़ रिएक्शन

आज के ट्रेडिंग सेशन में कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर लगभग 17 प्रतिशत उछलकर ₹184 के आसपास ट्रेड करते दिखे और दिन के दौरान ₹189.90 तक पहुंच गए। यह उछाल सीधे तौर पर स्टॉक स्प्लिट से जुड़ी घोषणा के बाद आया।

क्या है स्टॉक स्प्लिट की पूरी जानकारी

कंपनी ने एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसके बोर्ड ने equity share split के लिए रिकॉर्ड डेट तय कर दी है।
रिकॉर्ड डेट: गुरुवार, 22 जनवरी 2026

इस फैसले को पहले ही शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिल चुकी है, जो 7 नवंबर 2025 को पोस्टल बैलट के जरिए दी गई थी। इसके तहत कंपनी अपने हर ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयर को 5 हिस्सों में बांटेगी, यानी अब हर शेयर की फेस वैल्यू ₹1 हो जाएगी।

सरल शब्दों में समझें तो अगर किसी निवेशक के पास अभी 100 शेयर हैं (₹5 फेस वैल्यू वाले), तो स्प्लिट के बाद उसके पास 500 शेयर होंगे (₹1 फेस वैल्यू वाले)। कुल निवेश की वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होगा।

एक नजर में स्टॉक स्प्लिट का असर

विवरणपहलेबाद में
फेस वैल्यू₹5₹1
शेयरों की संख्या (उदाहरण)100500
कुल निवेश वैल्यूसमानसमान
रिकॉर्ड डेट22 जनवरी 2026

यह कदम क्यों अहम है

स्टॉक स्प्लिट का मकसद आमतौर पर liquidity बढ़ाना और शेयर को ज्यादा निवेशकों के लिए सुलभ बनाना होता है। जब शेयर की कीमत कम होती है, तो छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुधार देखा जा सकता है।

यह कदम कंपनी के बिजनेस में सीधे कोई बदलाव नहीं करता, लेकिन बाजार में शेयर की visibility और participation को बेहतर बना सकता है।

कंपनी का बिजनेस और मौजूदा स्थिति

United Van Der Horst एक भारतीय इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जो इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, प्रोजेक्ट सॉल्यूशंस और टेक्निकल सर्विसेज प्रदान करती है। इसके प्रमुख ग्राहक ऑयल एंड गैस, पावर, केमिकल्स और हेवी इंजीनियरिंग सेक्टर से जुड़े हैं।

हालिया फाइनेंशियल प्रदर्शन

Q2 FY26 में कंपनी की परफॉर्मेंस में हल्की कमजोरी देखने को मिली।
रेवेन्यू Q1 FY26 के ₹9.09 करोड़ से घटकर ₹8.65 करोड़ रहा।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹4.30 करोड़ से घटकर ₹3.95 करोड़ हो गया।
नेट प्रॉफिट भी मामूली रूप से ₹2.04 करोड़ से घटकर ₹2 करोड़ रहा।

रिटर्न रेशियो की बात करें तो ROCE लगभग 11.6 प्रतिशत और ROE 9.01 प्रतिशत है, जो मध्यम स्तर की लाभप्रदता को दिखाता है। कंपनी का debt-to-equity रेशियो 0.47 है, यानी कर्ज का स्तर संभला हुआ है।

निष्कर्ष

United Van Der Horst का स्टॉक स्प्लिट फैसला शेयर की liquidity और accessibility बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। हालांकि बिजनेस और फाइनेंशियल्स में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता, लेकिन रिकॉर्ड डेट के आसपास निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर बनी रह सकती है। यह खबर शेयर स्ट्रक्चर से जुड़ी है, न कि किसी नए ऑर्डर या कमाई में उछाल से।

Disclaimer: Finance Noon पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय, निवेश या ट्रेडिंग सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। हम SEBI द्वारा पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री किसी भी प्रतिभूति या वित्तीय साधन को खरीदने, बेचने या रखने की अनुशंसा नहीं है।

मेरा नाम सुमित पटेल है, मैं आर्टिकल राइटिंग के क्षेत्र में पिछले 2 सालों से कार्यरत हूं। शेयर मार्केट के साथ ही साथ मैं टेक, रोजगार और बिजनेस से जुड़ी जानकारी भी रखता हूं। अगर आपको मेरे द्वारा लिखे गए लेख पसंद आते हैं या फिर कोई त्रुटि नजर आती है, तो कमेंट करके हमें उसकी जानकारी जरूर दें। धन्यवाद!

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