भारत में renewable energy और power storage पर फोकस तेजी से बढ़ रहा है, और इसी ट्रेंड के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक कंपनी को बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। इसी खबर के बाद आज बाजार में इस स्टॉक पर निवेशकों की नजर टिकी रही।

शेयर प्राइस में क्या हुआ?
आज के ट्रेडिंग सेशन में Bondada Engineering Ltd के शेयरों में तेजी दिखी। शेयर करीब 4% तक चढ़े और फिलहाल ₹375 के आसपास ट्रेड कर रहे थे। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4,185 करोड़ के स्तर पर है। ऑर्डर से जुड़ी खबर के बाद स्टॉक में पॉजिटिव सेंटिमेंट देखने को मिला।
क्या है पूरा मामला
Bondada Engineering को AP TRANSCO से ₹627.01 करोड़ का Letter of Award (LoA) मिला है। यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के हिंदुपुर में 225 MW / 450 MWh का standalone Battery Energy Storage System (BESS) बनाने से जुड़ा है।
BESS यानी Battery Energy Storage System को आसान शब्दों में समझें तो यह ऐसा सिस्टम है जो बिजली को स्टोर करता है और जरूरत पड़ने पर ग्रिड में वापस देता है। इससे renewable energy जैसे सोलर और विंड की सप्लाई ज्यादा stable बनती है।
यह प्रोजेक्ट BOO मॉडल (Build-Own-Operate) पर आधारित है, यानी कंपनी इसे बनाएगी, खुद ओन करेगी और ऑपरेट भी करेगी। प्रोजेक्ट को पूरा करने की समयसीमा करीब 18 महीने बताई गई है।
यह ऑर्डर क्यों मायने रखता है
यह ऑर्डर सिर्फ एक बार की कमाई नहीं है। BOO मॉडल की वजह से इसमें long-term annuity-type revenue बनने की संभावना रहती है, जिससे cash flow की visibility बेहतर होती है।
इस प्रोजेक्ट के साथ Bondada का कुल BESS पोर्टफोलियो लगभग 1 GWh तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि कंपनी grid-scale energy storage सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जो भारत के energy transition प्लान का अहम हिस्सा है।
ऑर्डर बुक की स्थिति एक नजर में
| सेगमेंट | ऑर्डर वैल्यू (₹ करोड़) |
|---|---|
| Renewables | 4,573 |
| Telecom | 998 |
| Railways | 228 |
| कुल ऑर्डर बुक | ~5,989 |
इसके अलावा, कंपनी के पास L1 स्टेज पर ₹2,628 करोड़ के ऑर्डर और ₹7,531 करोड़ के टेंडर्स पाइपलाइन में हैं, जो आगे के काम की visibility दिखाते हैं।
फाइनेंशियल पर असर
कंपनी ने हाल के समय में तेज turnaround दिखाया है। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार,
Revenue सालाना आधार पर ₹481 करोड़ से बढ़कर ₹1,217 करोड़ पहुंच गया। Net profit भी ₹37 करोड़ से बढ़कर ₹93 करोड़ हो गया, जो बेहतर execution और scale का संकेत देता है।
आगे की दिशा
Bondada Engineering की Vision 2030 रणनीति renewable energy, telecom, railways, data centres और defence जैसे क्षेत्रों पर आधारित है। कंपनी का फोकस बड़े प्रोजेक्ट्स और long-term assets पर है, जिससे आने वाले वर्षों में revenue stability बन सकती है।
निष्कर्ष
₹627 करोड़ का BESS प्रोजेक्ट Bondada Engineering के लिए सिर्फ एक नया ऑर्डर नहीं है, बल्कि यह कंपनी की renewable और energy storage रणनीति को मजबूत करता है। मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ता BESS पोर्टफोलियो और हालिया फाइनेंशियल सुधार यह दिखाते हैं कि कंपनी भारत की energy transition और infrastructure growth थीम के साथ खुद को align कर रही है।
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