रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा यह ऑर्डर इसलिए अहम है क्योंकि इससे कंपनी की ऑर्डर विज़िबिलिटी, रेवेन्यू स्टेबिलिटी और मल्टी-ईयर एग्ज़िक्यूशन साफ दिखाई देता है। रेलवे पावर प्रोजेक्ट्स आमतौर पर लंबे समय के होते हैं और इनमें एंट्री बैरियर भी ऊंचा रहता है, इसलिए यह खबर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुक्रवार को K2 Infragen Ltd के शेयर बीएसई पर 10% की तेजी के साथ ₹75.55 के इंट्राडे हाई तक पहुंचे। पिछला क्लोज़ ₹68.70 था। इस समय कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹95 करोड़ है। स्टॉक लगभग 6.55 के P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के औसत P/E (लगभग 18.6) से काफी नीचे है।

क्या है नई डील
कंपनी ने जानकारी दी है कि उसके जॉइंट वेंचर को North Western Railway से ₹262 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इस जॉइंट वेंचर में K2 Infragen लीड और मेजॉरिटी पार्टनर है।
यह प्रोजेक्ट 36 महीनों में पूरा किया जाना है और इसमें रेलवे ट्रैक्शन पावर सिस्टम से जुड़ा पूरा काम शामिल है।
इस प्रोजेक्ट में क्या-क्या काम होगा
यह ऑर्डर एक रेलवे ट्रैक्शन पावर प्रोजेक्ट है, जिसका मतलब है कि यह रेलवे ट्रेनों को बिजली सप्लाई करने वाली सिस्टम से जुड़ा हुआ है।
प्रोजेक्ट के दायरे में शामिल है:
- 2×25 kV AC ट्रैक्शन सब-स्टेशन
- सेक्शनिंग और सब-सेक्शनिंग पोस्ट
- SCADA सिस्टम (रिमोट मॉनिटरिंग और कंट्रोल सिस्टम)
- डिज़ाइन से लेकर सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमिशनिंग तक पूरा काम
यह काम लूणी–भीलड़ी डबल-लाइन सेक्शन, जोधपुर डिविजन में किया जाएगा।
यह ऑर्डर कंपनी के लिए अहम
रेलवे ट्रैक्शन प्रोजेक्ट्स में:
- लंबी एग्ज़िक्यूशन अवधि होती है
- पेमेंट साइकल अपेक्षाकृत स्ट्रक्चर्ड रहता है
- तकनीकी योग्यता और अनुभव जरूरी होता है
इस ऑर्डर से कंपनी का रेलवे सेगमेंट में ट्रैक रिकॉर्ड और मजबूत होता है, जो भविष्य में ऐसे और प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता खोल सकता है।
ऑर्डर बुक पर असर
इस नए ऑर्डर के बाद कंपनी की ऑर्डर विज़िबिलिटी और बेहतर होती है। Q2 FY26 के अनुसार:
| विवरण | वैल्यू |
|---|---|
| मौजूदा ऑर्डर बुक | ₹143 करोड़ |
| अंडर-एग्ज़िक्यूशन प्रोजेक्ट्स | ₹452.5 करोड़ |
सेक्टर-वाइज ऑर्डर बुक ब्रेकअप
| सेक्टर | योगदान (%) |
|---|---|
| रोड्स | 64.28% |
| पावर | 18.32% |
| वॉटर सप्लाई | 10.28% |
| रेलवे + सिविल | शेष |
यह दिखाता है कि कंपनी की निर्भरता केवल एक सेक्टर पर नहीं है।
कंपनी का प्रोफाइल एक नज़र में
2015 में स्थापित K2 Infragen एक इंटीग्रेटेड EPC कंपनी है, जो रोड्स, रेलवे, पावर, वॉटर और सिविल प्रोजेक्ट्स में काम करती है।
कंपनी के पास:
- 3 ISO सर्टिफिकेशन
- 64 मशीनों का इक्विपमेंट फ्लीट
- डिज़ाइन से लेकर पोस्ट-कंस्ट्रक्शन सपोर्ट तक की इन-हाउस क्षमता
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
H1 FY26 में कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है:
- रेवेन्यू: ₹91 करोड़ (+78% YoY)
- नेट प्रॉफिट: ₹7 करोड़ (+75% YoY)
- EPS: ₹5.80 (+70% YoY)
निष्कर्ष
रेलवे से मिला यह ₹262 करोड़ का ऑर्डर K2 Infragen के लिए एक ऑपरेशनल और स्ट्रैटेजिक माइलस्टोन है। इससे न सिर्फ ऑर्डर बुक मजबूत होती है, बल्कि रेलवे और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में कंपनी की मौजूदगी भी गहरी होती दिखती है। निवेशक आने वाले समय में इसके एग्ज़िक्यूशन और कैश-फ्लो ट्रेंड पर नज़र रखेंगे।
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