डिफेंस, ऑयल एंड गैस और शिपबिल्डिंग जैसे हाई-वैल्यू इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स में अगर किसी स्मॉल-कैप कंपनी की एंट्री मजबूत होती है, तो बाजार तुरंत उस पर नजर डालता है। Quest Flow Controls Ltd के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब कंपनी ने Q3 FY26 के अपने अहम बिजनेस अपडेट्स साझा किए।

शेयर प्राइस रिएक्शन
Q3 अपडेट्स के बाद Quest Flow Controls Ltd के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। स्टॉक इंट्राडे में 6% से ज्यादा चढ़कर ₹189.70 तक पहुंच गया, जबकि पिछला क्लोजिंग प्राइस ₹178.10 था। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹191 करोड़ है और स्टॉक 31.2 के P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री एवरेज (29.8) के आसपास है।
Q3 FY26 में क्या-क्या अहम अपडेट?
कंपनी के बिजनेस अपडेट्स से साफ है कि Q3 के दौरान फोकस सिर्फ ऑर्डर पर नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म कैपेबिलिटी बिल्डिंग पर रहा।
सबसे बड़ा अपडेट API Monogram License से जुड़ा है। यह सर्टिफिकेशन ग्लोबल ऑयल एंड गैस प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने के लिए बेहद जरूरी होता है।
कंपनी के मुताबिक, इसका ऑडिट अप्रैल–मई 2026 में प्रस्तावित है और जून 2026 तक सर्टिफिकेशन मिलने की उम्मीद है। आसान शब्दों में कहें तो, इससे Quest Flow को इंटरनेशनल टेंडर्स में सीधे एंट्री का रास्ता मिल सकता है।
एक्सपोर्ट्स और इंटरनेशनल फुटप्रिंट
Q3 में एक्सपोर्ट्स फ्रंट पर भी प्रगति दिखी।
• अमेरिका के लिए दो शिपमेंट्स पूरे किए गए
• रूस में पहली बार सप्लाई की गई, वो भी EAC/EACU सर्टिफिकेशन के साथ
• थाईलैंड में एक चैनल पार्टनर नियुक्त किया गया
ये सभी कदम कंपनी की इंटरनेशनल मौजूदगी को धीरे-धीरे मजबूत कर रहे हैं।
डिफेंस और शिपबिल्डिंग सेगमेंट में एंट्री क्यों अहम है?
डिफेंस और शिपबिल्डिंग सेगमेंट में Quest Flow ने Q3 में एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया।
कंपनी ने Mazagon Dock को अपना पहला सबमरीन वाल्व सप्लाई किया और साथ ही fogway valve की कैपेबिलिटी भी डेवलप की।
सरकार की Shipbuilding Financial Assistance Policy (SBFAP) के तहत भारत में बनने वाले कमर्शियल शिप्स में 40% लोकल कंटेंट अनिवार्य है। इससे घरेलू मैन्युफैक्चरर्स जैसे Quest Flow को स्ट्रक्चरल सपोर्ट मिलता है।
ऑपरेशंस और कैपेसिटी पर फोकस
ऑपरेशनल लेवल पर, कंपनी ने अपने Chakan प्लांट (35,000 sq. ft.) को और मजबूत किया है।
• नई मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेस
• चार पूरी तरह ऑटोमैटिक टेस्ट रैक्स
• R&D टीम में 18 नए प्रोफेशनल्स की भर्ती
ये सभी कदम स्केल और टेक्नोलॉजी पर फोकस को दिखाते हैं।
ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल्स
कंपनी की ऑर्डर बुक ₹100 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी है, जो आगे के रेवेन्यू के लिए विज़िबिलिटी देती है।
हालांकि, Q2 FY26 में फाइनेंशियल परफॉर्मेंस थोड़ी कमजोर रही।
• Q2 FY26 रेवेन्यू: ₹26.22 करोड़ (YoY -11.5%)
• नेट प्रॉफिट: ₹1.12 करोड़, जबकि पिछले साल ₹3.97 करोड़ था
मैनेजमेंट का मानना है कि royalty-based technology से indigenous R&D की ओर शिफ्ट होने से आने वाले समय में मार्जिन और IPR फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होगी।
निष्कर्ष
Quest Flow Controls के Q3 अपडेट्स यह दिखाते हैं कि कंपनी शॉर्ट-टर्म नंबरों से ज्यादा लॉन्ग-टर्म पोजिशनिंग पर काम कर रही है। API सर्टिफिकेशन, डिफेंस सप्लाई, एक्सपोर्ट्स और कैपेसिटी एक्सपैंशन ये सभी फैक्टर्स इसे ऑयल एंड गैस, डिफेंस और शिपबिल्डिंग जैसे हाई-एंट्री बैरियर सेगमेंट्स में धीरे-धीरे मजबूत बना रहे हैं।
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